Showing posts with label home remedies. Show all posts
Showing posts with label home remedies. Show all posts

Saturday, 16 April 2016

झुर्रियों से बचाव व उसका उपचार

झुर्रियां अकसर बढ़ती उम्र में सभी में होती है। विशेषकर ज्यादा गर्मी या ज्यादा सर्दी के दौरान चेहरे पर झुर्रियां यानी बूढी रेखाओं के पड़ने की संभावना अधिक बढ़ जाती है.लेकिन आज की जीवनशैली में लगातार बदलाव होने के कारण अब असमय भी झुर्रियां होने लगी हैं।



घरेलू उपचार जो आपके लिए बहुत ही लाभदायक हो सकते हैं।

* गुलाबजल को फ्रीजर में जमाकर इसे नियमित रूप से झुर्रियों वाली जगह पर मलें। त्वचा टाइट रहेगी ।

* गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह धोएं फिर उसे खुरदरे तौलिए से रगड-रगड़ कर सुखा लें। आधा चम्मच दुध की ठंडी मलाई में नींबु के रस की चार पाँच बूंदें मिलाकर झुर्रियाँ तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में समा न जाए।आधा घण्टे बाद पानी से धो डालें परन्तु साबुन का प्रयोग न करें। एक माह तक नियमित इस प्रयोग से झुर्रियाँ दुर होती हैं तथा चेहरे के दाग धब्बे भी गायब हो जाते हैं।

* खीरे के रस या फिर खीरे के छोटे-छोटे पीस काटकर झुर्रियों वाली जगह पर लगाकर उसकी मसाज करें।

* हल्दी या चंदन का लेप लगाने से भी झुर्रियों में लाभ मिलता हैं।

* जब झुर्रियां पडती हैं तो त्‍वचा पर गहरे रंग के धब्‍बे दिखाई देने लगते हैं। इसका मतलब कि मृत कोशिकाएं चेहरे को बूढा बना रहीं हैं। इसको दूर करने के लिए चेहरे पर स्‍क्रबिंग करनी चाहिए जिससे डेड सेल्‍स हट जाएं और नई त्‍वचा सामने आ जाए।

* पके हुए पपीते का एक टुकडा काटकर चेहरे पर घिसें या मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद धो लें। ऐसा लगातार करने से चेहरे की झुर्रियाँ दूर होती हैं,व चेहरे की रंगत भी निखरती है।

* त्वचा की झुर्रियाँ मिटाने के लिए आधा गिलास गाजर का रस नित्य खाली पेट कम से कम 15 दिन तक लें।

* चेहरे की झुर्रियाँ मिटाने और युवा बनाये रखने के लिए अंकुरित चने व मूंग को सुबह शाम अवश्य ही खाएँ।

* सर्दियों में तेल से मसाज कर करके गरम पानी से नहाएं और नहाने के बाद क्रीम से भी मसाज करें। इससे त्‍वचा टाइट रहेगी और रुखी भी नहीं होगी।

* विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार जैसे की मछली आदि में होते है उसका ज्यादा से ज्यादा सेवन करें इससे त्वचा जवाँ बनी रहती है।

* चेहरे पर कॉफी पाउडर का लेप लगाने से कॉफी पाउडर में मौजूद कैफीन की वजह से चेहरे की झुर्रियां बहुत तेजी से खत्म होती है ।

* झुर्रियों के सफल उपचार के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है, दिन में कम से 14 -15 गिलास पानी चाहिए ।

* सुंदर,गोरी और टाइट त्वचा के लिए सप्ताह में 1-2 बार चंदन फेस पैक लगाना चाहिए । चंदन पाउडर का पैक चेहरे पर पड़े गहरे दाग धब्बे , झाइयां और झुर्रियों को जल्दी दूर करता है।

* हर रात को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें, इससे चेहरे के डार्क सर्किल और आंखें सूजी हुई नजर नहीं आएंगी। कभी भी तकिये में मुंह छिपा कर भी नहीं सोएं क्योंकि इससे भी चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।

* हमारी त्वचा पर तेज धूप का बहुत कुप्रभाव पड़ता है। इसलिए धूप में निकलने से पहले त्वचा पर ऐसा सनस्क्रीन, जिसमें जिंक ऑक्साइड हो जरूर लगाएं।

* एलोवेरा एवं शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर हैं। त्वचा में नमी का स्तर बढ़ाने के लिए इन्हे प्रतिदिन आजमाएं इनसे भी झुर्रियां कम होंगी।

 * उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कोलाजिन बनाना बंद हो जाता है, जिससे त्वचा में लचीलापन कम हो जाता है। इस बचने के लिए नमी वाला साबुन और क्रीम का रोज़ इस्तमाल करें। नित्य विटामिन सी युक्त क्रीम प्रयोग करें और ज्यादातर समय धूप से दूर रहें।

* अपनी त्वचा को झुर्रियों से बचाने के लिए हमें नियमित रूप से ताजे फलों जैसे आम, जामुन, संतरा, मौसम्मी, लीची, सेव, अंगूर, नाशपाती, पपीता, अनार और हरी सब्जियों पालक, बंदगोभी और दिन में कम से कम एक बार सलाद का सेवन करना चाहिए । इनमें ढेर सारे विटामिन्स एवं खनिज मसलन आयरन, विटामिन सी, विटामिन बी, फाइबर इत्यादि होते हैं । जो अत्यंत हीं लाभकारी होते हैं तथा हमारी त्वचा को जवान एवं खुबसूरत बनाये रखते हैं

* नियमित व्यायाम करना बहुत जरुरी है। व्यायाम करने से हमारी हर कोशिका को ओक्सिजन एवं रक्त प्राप्त होता है जिससे आपकी त्वचा जवान रहती है तथा झुर्रियां भी दूर रहती है ।

* पेट साफ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर कर भी आप चेहरे पर झुर्रियां पड़ने से रोक सकते हैं।

* तनाव से यथासंभव बचे । तनाव से हमारे शरीर में एक रसायन कोरटीसोल का स्राव होता है जो हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है जिससे झुर्रियां शीघ्र पड़ती है ।

* गुस्सा करने से बचे । गुस्सा करने अथवा तरह तरह से मुंह बनाने से भी चेहरे पर उम्र के पहले हीं झुर्रियां पड़ जाती हैं।

* सिगरेट और शराब दोनों की ही वजह से झुर्रियों बहुत तेजी से पड़ती है । स्मोकिंग से हमारे होठों का रंग काला पड़ जाता है और चेहरे की त्वचा का कोलाजिन भी नष्ट होता है, जिससे चेहरे पर तेजी से झुर्रियां पड़ने लगती है

Saturday, 9 April 2016

जवां दिखने के उपाय - लगाएं ये पानी

इंसान की उम्र बढ़ने के साथ-साथ उसकी त्वचा में भी ढ़ीलापन आ जाता है। ऐसे में वह तेजी से बूढ़ा दिखने लगता है। यदि आपकी त्वचा में भी किसी तरह का ढ़ीलापन व झुर्रियां आ गई हों तो आप इस  घरेलू नुस्खे को जरूर अजमाएं। इससे आपकी त्वचा में चमक आने के साथ-साथ आप जंवा भी दिखने लगेगें। 
चावल से निकले वाले पानी से आपको कई तरह के स्वास्थवर्धक फायदे मिलते हैं। लेकिन चावल का यह पानी आपके चेहरे को फिर से जंवा और चमकदार भी बना सकता है। कैसे चावल के पानी के प्रयोग से त्वचा जवां बन सकती है।

चावल के पानी के गुण
चावल से निकले हुए पानी में कई तरह के विटामिनस और प्रोटीन होने के साथ यह एंटी आक्सीडेट भी होता है। जो त्वचा की झुर्रियों को और दाग-धब्बों को दूर करता है। यह प्राकृतिक क्लींजर भी है। चावल का पानी चेहरे की रंगत को बढ़ाता है।
कैसे बनाएं चावल का पानी
बेहद आसान और सरल तरीकों से आप इसके पानी को बना सकते हो। इसके लिए आप एक कप में चावलों को भर लें और इसे अच्छी तरह से साफ करने के बाद पानी में भिगों दें। 
अब आधे धंटे तक इन चावलों के भीगने के बाद अब इसे किसी बर्तन में रख कर गैस में पका लें।
इसके बाद चावलों से उसके पानी यानि कि मांड को अलग करके ठंडा कर लें और इस पानी से अपने चेहरे की हल्के हाथो से मालिश करें। 
अब आप इसे दस मिनट तक के लिए चेहरे पर सूखने के लिए लगा रहने दें। इसके बाद चेहरे को पानी से धो लें और साफ और सूखे  कपड़े से चेहरा पोछं लें। आपको इसका फायदा नजर आने लगेगा। इस उपाय को हर सप्ताह एक बार जरूर करें। चावल का पानी त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने के साथ ये त्वचा को पोषण भी देता है।

Friday, 1 April 2016

रात को मोजे में प्‍याज की दो स्‍लाइस रखने से होते हैं फायदे

क्‍या आप जानते हैं कि आपके पैरों का तलवा आपके शरीर में आंतरिक अंगों का शक्तिशाली और प्रत्‍यक्ष उपयोग अंक है? यह चीनी चिकित्‍सा में शिरोबिंदु के रूप में जाना जाता है, वे आपके शरीर के भीतर प्रत्‍येक अंग का रास्‍ता है। इसलिए अगर रात को सोने से पहले मोजे में प्‍याज के स्‍लाइस रखें जाये तो ये सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। लेकिन मोजे में स्लाइस इस तरह रखें कि वह पूरी तरह पैरों को टच करें, वर्ना कोई फायदा नहीं मिलेगा।   





कुछ लोगों का तर्क है कि शिरोबिंदु मौजूद नहीं है, लेकिन चाइनीज मेडिसिन को जानने वालों को इस बात की जानकारी है कि शिरोबिंदु प्रणाली बहुत बारीकी से तंत्रिका तंत्र से जुड़ी है। अगर आप नसों और तंत्रिका तंत्र के बारे में जानते हैं तो आपको शिरोबिंदु के बारे में भी जानते होगें।

पैरों के नीचे सीधे अलग-अलग तंत्रिका अंत (लगभग 7,000) होती हैं, जो कि शरीर के विभिन्न अंगों से जुड़ी हुई होती हैं। ये शरीर के भीतर एक शक्तिशाली बिजली के सर्किट की तरह से काम करते हैं, लेकिन ये जूते-चप्पल पहनने की वजह से निष्क्रिय हो जाते हैं। यही कारण है कि हमें कुछ घंटों के लिए नंगे पैर टहलने की सलाह दी जाती है।  

प्याज (और लहसुन) हवा को शुद्ध करने के लिए जाना जाता है और त्वचा पर इसे लगाने से कीटाणुओं और जीवाणुओं को मारने में मदद मिलती है। इसके अलावा, प्‍याज में मौजूद फॉस्फोरिक नामक एसिड के खून में प्रवेश कर रक्त शुद्ध करने में मदद करता है। लेकिन ध्‍यान रहें कि प्‍याज का पुन प्रयोग न करें क्‍योंकि इनमें कीटाणु और जीवाणु इकट्ठा हो जाते हैं। रक्त को शुद्ध, कीटाणुओं और जीवाणुओं को मारने के लिए इसका इस्‍तेमाल काफी आसान है। आइए इसके इस्‍तेमाल के तरीकों के बारे में जानें।

प्‍याज के इस्‍तेमाल के तरीके

  • स्‍टेप 1: आर्गेनिक प्‍याज (सफेद या लाल प्याज) को स्‍लाइस में काटें। आर्गेनिक प्‍याज का इस्‍तेमाल इसलिए करना चाहिए क्‍योंकि वह कीटनाशकों और अन्‍य केमिकल से मुक्‍त होते हैं और रात में आपके ब्‍लड में प्रवेश कर जाते हैं। प्‍याज को फ्लैट स्‍लाइस में काटें ताकी आप असानी से अपने पैर के नीचे इसे लगा सकें और नींद के दौरान प्‍याज पैरों के नीचे आसानी से आपके पैरों पर असर कर सकें।
  • स्‍टेप 2: प्‍याज के प्रत्‍येक टुकड़े को अपनी मोजे में लगाकर सो जाये। प्‍याज की प्राकृतिक चिकित्‍सा शक्तियां आपकी त्‍वचा के माध्‍यम से काम कर, रक्‍त को शुद्ध करने, बैक्‍टीरिया और कीटाणुओं को मारने और विषाक्‍त पदार्थों को अवशोषित करने में मदद करता है! यह कमरे की हवा को शुद्ध करने में भी मदद करता है। इंग्‍लैंड में, प्‍लेग के दौरान प्‍याज को काटकर हवा को शुद्ध करने के लिए कमरे में छोड़ दिया जाता है।

  • बिस्तर पर जाने से पहले प्याज का टुकड़ा रखने के लाभ

    बैक्टीरिया, रोगाणु और रोगजनकों को मारें 
    प्याज (और लहसुन) में बहुत अधिक मात्रा में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-वायरल गुणों के कारण शरीर पर रगड़ने से बैक्टीरिया और रोगाणुओं का नाश होता है।

    आपका रक्त शुद्ध करें 

    प्‍याज में मौजूद फॉस्‍फोरिक एसिड त्‍वचा के माध्‍यम से अवशोषित होने पर रक्‍त शुद्ध करने में मदद करता है।

    हवा शुद्ध करें 
    जब आप सोते हैं, तो आपके पैरों के आस-पास प्‍याज की स्‍मैल हवा को शुद्ध, पैर की गंध से छुटकारा और विषाक्‍त पदार्थों और केमिकल को अवशोषित करता है।

    इस तरह से सोने से पहले प्‍याज के स्‍लाइस को मोजे में लगाने से आपको कई तरह से फायदा हो सकता है। 

Tuesday, 15 March 2016

ये है बूढ़ो को जवान बनाने वाली स्पेशल आयुर्वेदिक दवाई



घरेलू उपाय: ये है बूढ़ो को जवान बनाने वाली स्पेशल आयुर्वेदिक दवाई

लोग जवान बने रहने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक्स का उपयोग करते हैं। लेकिन कॉस्मेटिक्स त्वचा को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं जिसके कारण समय से पहले ही अधिक उम्र दिखाई देने लगती है दरअसल उम्र पर असली असर खान-पान का पड़ता है कास्मेटिक्स का नहीं। इसीलिए हमेशा जवान बने रहने के लिए जवानी को फिर पाने के लिए या हमेशा जवान बने रहने के लिए आयुर्वेद में अनेक जड़ीबूटियों के नाम हैं जिनसे बुढ़ापा दूर रहता है। 

ताउम्र जवान दिखाई देना हर इंसान की चाहत होती है। यही कारण है कि लोग जवान बने रहने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक्स या दवाइयों का उपयोग करते हैं। कोई भी बिना अपने खान-पान पर ध्यान दिए हमेशा जवान बना रहे, ऐसा संभव नहीं है। इसलिए हमेशा खूबसूरत और जवान दिखने के लिए खान-पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में ऐसी अनेक चीजों के बारे में बताया गया है, जिनका नियमित सेवन कर आप हमेशा जवान बने रह सकते हैं। आज हम आप को उन्हीं में से कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं….

अपनाएं ये सदियों पुराने नुस्खे हमेशा जवान दिखने के लिए

1. भृंगराज चूर्ण 100 ग्राम, आमल की चूर्ण 50 ग्राम, तिल 50 ग्राम, इन तीनों में गुड़ मिलाकर इसका सेवन 10 से 12 ग्राम मात्रा में रोजाना करें।आयुर्वेदिक मान्यता है कि इस योग का सेवन बूढ़े को भी जवान बना देता है। दिन के खाने में दाल, चोकर युक्त रोटी लें। रात में गाय के दूध का सेवन करें।

2. खाली पेट बाल हरड़ खाएं। शाम को दूध जरूर पिएं। रोजाना हरड़ लेते रहने से व आंवले का उपयोग करते रहने से, दूध घी पीने से यौवन हमेशा बना रहेगा।

3. विटामिन सी से भरपूर चीजों के सेवन से जल्दी बुढ़ापा नहीं आता है। आंवले को विटामिन सी से भरपूर माना गया है। इसलिए रोजाना कम से कम एक आंवले का सेवन करना चाहिए। साथ ही, एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल भी खाने चाहिए।

4. त्रिफला को आयुर्वेद में शरीर की लगभग हर बीमारी के लिए बहुत अच्छी औषधि माना गया है। त्रिफला से पेट से जुड़ी समस्याएं जड़ से मिट जाती हैं। रोजाना त्रिफला का सेवन मौसम अनुसार आयुर्वेदिक विधि से करें। इससे यौवन उम्र भर बना रहता है।

5. सुबह दूध, दोपहर में सब्जी, दाल, चोकर युक्त रोटी खाएं। रात्रि में गाय के दूध का सेवन करें।च्यवनप्राश जरूर खाएं। ज्यादा पानी पिएं।



6. अमृतावर्णरस, बसन्तसुकुमार के रस का उपयोग 250 मिलीग्राम की मात्रा दिन में एक बार शहद में मिलाकर करें।आयुर्वेद के अनुसार इन रसायनों का सेवन 40 वर्ष की उम्र में करना अच्छा रहता है, क्योंकि यह एक ऐसी अवस्था है, जब व्यक्ति में शारीरिक धातुओं का विकास पूर्णता प्राप्त कर चुका होता है।

7. हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम छह घंटे आराम की नींद लेना बहुत जरूरी है। ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करें। संभव हो तो जंक फूड और नॉनवेज को बंद कर दें। इस तरह के खाने से शरीर में चर्बी बहुत तेजी से बढ़ती है। इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होती जाती है। कोई भी बीमारी जल्द ही आपको प्रभावित कर लेती है। सात्विक खाना खाएं और योगासन करें। आपकी जवानी लंबे समय तक बनी रहेगी।

8. डार्क चॉकलेट, वाइन पीना, सामाजिक बने रहना और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना, ये ऐसी बातें हैं जो हर आदमी अपना सकता है। ऐसी छोटी-छोटी बातें ही इंसान को सदा जवान बने रहने में मदद करती हैं। इसके अलावा हमेशा खुशमिजाज रहना, दूसरों के साथ जल्दी घुलना-मिलना भी इसमें काफी सहायता करता है।

9.  वृद्धों को शक्ति वर्धक चीजें जैसे बादाम, किशमिश, सेब, अमरूद, केला, टमाटर, लौंग, मुनक्का, आंवला, संतरा, छुआरे, खजूर, अंजीर, अखरोट, घी, दूध, आदि का सेवन करना चाहिए।

10.ऐन्द्री, ब्राह्मी, आरकाकोली, क्षारपुष्पी, मण्डी, महामुण्डी, शतावरी, विदारीकंद, जीवन्ती, पुनर्नवा, नागबला, शालपर्णी, वचा, छत्रा अतिछत्रा, मेदा, महामेदा और जीवनीय द्रव्यों को दूध के साथ छ: महीने तक सेवन करने से उम्र लंबी होती है और बुढ़ापे के रोग शरीर से दूर रहते हैं। 

कायाकल्प योग --सर्व रोग दूर करे ---



बुढ़ापे की आई सभी तरह की कमजोरी को दूर करता है ये योग
भृंगराज और काले तिल 250-250 ग्राम आवला 125 ग्राम लें।
सबको अलग अलग पीस छान कर 500ग्राम पुराना गुड अथवा शक्कर मिला कर प्रात 2 टेबल स्पून यानि 12 ग्राम सेवन करें। ( शुगर रोग वाले शक्कर नहीं मिलाये )
सर्व रोग दूर होते हैं। 

अगर एक वर्ष खाएं तो अँधा देखने गूंगा बोलने और बहरा सुन ने लग जाता है। सफेद बाल काले हो जाते हैं। जिस के दांत गिर गये हैं फिर से आ जाते हैं। आयु दीर्घ होती है। बल बुद्धि वीर्य बढ़ता है। 

इसको दूध के साथ लेना है ..पानी के साथ भी ले सकते है |
इसके सेवन काल में यद्यपि दुग्धपान का विधान है पर जिन्होंने इसका सेवन किया उन्होंने दूध भात लिया था। 

इस प्रयोग से झुर्रियां मिट जाती है। 

केश जङ से काले निकलते हैं। 

श्रवण शक्ति बढती है वाणी विकार दूर होते हैं। स्मरणशक्ति अद्भुत हो जाती है।

नेत्र विकार दूर हो कर नेत्रज्योति बढ़ जाती है। 

एक महीने के बाद लाभ होने लगता है। 

सभी प्रकार के उदरमय रोग ठीक हो जाते हैं। 

तीन महीने में वाणी मधुर हो जाती है। स्मरणशक्ति बढ़ जाती है। शारीरिक पीड़ा जोड़ों का दर्द अनिद्रा और चिडचिडापन मिट जाता है।

हर घटक द्रव्य शुद्ध और ताजा ही लें और इस सरल योग का लाभ उठायें।
कोई भी व्यक्ति ले सकता है |

Saturday, 12 March 2016

मस्सों के लिए घरेलू नुस्खे (Home remedies for Warts)

मस्से सुंदरता पर दाग की तरह दिखाई देते हैं। मस्से होने का मुख्य कारण पेपीलोमा वायरस है। त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के जाने से छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं, जिन्हें मस्सा कहा जाता है। पहले मस्से की समस्या अधेड़ उम्र के लोगों में अधिक होती थी, लेकिन आजकल युवाओं में भी यह समस्या होने लगी है। 
सामान्यत: मस्से से दर्द होता है और ही कोई दूसरी तकलीफ, लेकिन देखने में ये बेहद अजीब लगते हैं। यदि आप भी मस्सों से परेशान हैं तो इनसे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। 






·        त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंडों को मस्सा कहते हैं।
·        त्वचा पर होने वाला यह मस्सा आमतौर पर भूरे और काले दो रंग का होता है।
·        लहसुन काटकर रगड़ने से कुछ दिनों में दूर हो जाता है मस्सा।
·        दिन में दो बार मस्सों पर शहद लगाने से भी होता है फायदा।


मस्से के पीछे प्रमुख कारण:-
मोटापा, गर्भावस्था, मधुमेह स्टेरॉयड्स का बहुत अधिक सेवन।

नुस्खे:

1. केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उसे एक पट्टी से बांध लें। ऐसा दिन में दो बार करें और लगातार करते रहें, जब तक कि मस्से खत्म नहीं हो जाते।

2. बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल करने से मस्से धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।

3. बरगद के पत्तों का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता है। इसके रस को त्वचा पर लगाने से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने-आप गिर जाते हैं।

4. हरे धनिए को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे रोजाना मस्सों पर लगाएं।

5. कच्चा लहसुन मस्सों पर लगाकर उस पर पट्टी बांधकर एक सप्ताह तक रहने दें। एक सप्ताह बाद पट्टी खोलने पर आप पाएंगे कि मस्से गायब हो गए हैं।

6. मस्सों से जल्दी निजात पाने के लिए आप एलोवेरा जैल का भी उपयोग कर सकते हैं।

​7. ताजी मौसंबी का रस मस्से पर लगाएं। ऐसा दिन में लगभग 3 या 4 बार करें। मस्से गायब हो जाएंगे।

8. मस्सों पर नियमित रूप से प्याज मलने से भी मस्से गायब हो जाते हैं।

9. थूहर का दूध या कार्बोलिक एसिड सावधानीपूर्वक लगाने से मस्से निकल जाते हैं।

10. अरंडी का तेल नियमित रूप से मस्सों पर लगाएं। इससे मस्से नरम पड़ जाएंगे और धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे।

11. अरंडी के तेल की जगह कपूर के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं।

12. एक प्याज का रस निकालें। इस रस को नियमित रूप से दिन में एक बार मस्सों पर लगाएं। इस उपाय से मस्से की समस्या दूर हो जाती है।

13. फ्लॉस या धागे से मस्से को बांधकर दो से तीन सप्ताह तक छोड़ दें। इससे मस्से में रक्त प्रवाह रुक जाएगा और वह खुद ही निकल जाएगा।

14. एस्पीरिन की एक गोली पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे मस्सों पर लगाएं। ऐसा करने से कुछ दिनों में मस्से गायब हो जाएंगे।

15. मस्से पर नेल पॉलिश लगाकर कुछ देर बाद साफ कर लें। दिन में तीन बार ऐसा करने से कुछ ही दिन में मस्से झड़ जाएंगे।


16. ताजा अंजीर मसलकर इसकी कुछ मात्रा मस्से पर लगाएं। 30 मिनट तक लगा रहने दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। मस्से खत्म हो जाएंगे।

17. चेहरे को अच्छी तरह धोएं और कॉटन को सिरके में भिगोकर तिल-मस्सों पर लगाएं। दस मिनट बाद गर्म पानी से फेस धो लें। कुछ दिनों में मस्से गायब हो जाएंगे।









मस्से को समाप् करने के लिए एक अगरबत्ती जला लें और अगरबत्ती के जले हुए गुल को मस्से का स्पर्श कर तुरन्त हटा लें। ऐसा 8-10 बार करें, ऐसा करने से मस्सा सूखकर झड़ जाएगा। अगर ज्यादा मस्से हों तो बारी-बारी से सभी मस्सों को इसी तरीके से जलाकर झड़ा दें। ध्यान रहे, अगरबत्ती का स्पर्श सिर्फ मस्से पर ही होना चाहिए।

खट्टे सेब लेकर उनका जूस निकाल लीजिए और उसको दिन में कम से कम तीन बार मस्से की जगह पर लगाइए। इस जूस को नियमित रूप से लगाने पर आप पाएंगे कि मस्से धीरे-धीरे झड़ रहे हैं और तीसरे सप्ताह तक लगभग समाप् हो जाएंगे।

मस्से को समाप् करने के लिए प्याज भी फायदेमंद है। एक प्याज को लेकर उसके रस को दिन में एक बार नियमित रूप से लगाने से मस्से समाप् होते हैं।

बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल को रात में मस्सों लगाकर सो जाइए, ऐसा करने से मस्से धीरे-धीरे मस्से समाप् हो जाते हैं।

आलू का प्रयोग करने से भी मस्से समाप् होते हैं। आलू को छीलकर काट लीजिए, उसके कटे हुए हिस्से को मस्सों पर रगडि़ए, ऐसा करने से कुछ दिनों में मस्से समाप् हो जाते हैं। 

लहसुन की कली को छील लीजिए, उसके बाद उसे काटकर मस्सों पर गडि़ए, कुछ दिन बाद मस्से सूखकर झड़ जाएंगे।
फूल गोभी का रस मिलाने से मस्से समाप् हो जाते हैं।

रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद मस्सों पर शहद लगाइए, इससे मस्से खत् हो जाते हैं।

मस्से वाले हिस्से को पाइनेपल के जूस में रखिए, इससे मस्से नष् करने वाले एंजाइम होते हैं।

अगर आपके घर पर एलोवेरा है, तो उसका एक छोटा का टुकड़ा काटिये और ताजा जैल मस्से पर लगायें। इससे मस्सा जल्दी ठीक हो जाता है।








इन नुस्खों को आजमाने के बाद भी अगर मस्से समाप् हों तो चिकित्सक से संपर्क अवश् कीजिए। डॉक्टर नवीन वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आपको मस्सों से निजात दिला सकता है।