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Saturday, 16 April 2016

झुर्रियों से बचाव व उसका उपचार

झुर्रियां अकसर बढ़ती उम्र में सभी में होती है। विशेषकर ज्यादा गर्मी या ज्यादा सर्दी के दौरान चेहरे पर झुर्रियां यानी बूढी रेखाओं के पड़ने की संभावना अधिक बढ़ जाती है.लेकिन आज की जीवनशैली में लगातार बदलाव होने के कारण अब असमय भी झुर्रियां होने लगी हैं।



घरेलू उपचार जो आपके लिए बहुत ही लाभदायक हो सकते हैं।

* गुलाबजल को फ्रीजर में जमाकर इसे नियमित रूप से झुर्रियों वाली जगह पर मलें। त्वचा टाइट रहेगी ।

* गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह धोएं फिर उसे खुरदरे तौलिए से रगड-रगड़ कर सुखा लें। आधा चम्मच दुध की ठंडी मलाई में नींबु के रस की चार पाँच बूंदें मिलाकर झुर्रियाँ तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में समा न जाए।आधा घण्टे बाद पानी से धो डालें परन्तु साबुन का प्रयोग न करें। एक माह तक नियमित इस प्रयोग से झुर्रियाँ दुर होती हैं तथा चेहरे के दाग धब्बे भी गायब हो जाते हैं।

* खीरे के रस या फिर खीरे के छोटे-छोटे पीस काटकर झुर्रियों वाली जगह पर लगाकर उसकी मसाज करें।

* हल्दी या चंदन का लेप लगाने से भी झुर्रियों में लाभ मिलता हैं।

* जब झुर्रियां पडती हैं तो त्‍वचा पर गहरे रंग के धब्‍बे दिखाई देने लगते हैं। इसका मतलब कि मृत कोशिकाएं चेहरे को बूढा बना रहीं हैं। इसको दूर करने के लिए चेहरे पर स्‍क्रबिंग करनी चाहिए जिससे डेड सेल्‍स हट जाएं और नई त्‍वचा सामने आ जाए।

* पके हुए पपीते का एक टुकडा काटकर चेहरे पर घिसें या मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद धो लें। ऐसा लगातार करने से चेहरे की झुर्रियाँ दूर होती हैं,व चेहरे की रंगत भी निखरती है।

* त्वचा की झुर्रियाँ मिटाने के लिए आधा गिलास गाजर का रस नित्य खाली पेट कम से कम 15 दिन तक लें।

* चेहरे की झुर्रियाँ मिटाने और युवा बनाये रखने के लिए अंकुरित चने व मूंग को सुबह शाम अवश्य ही खाएँ।

* सर्दियों में तेल से मसाज कर करके गरम पानी से नहाएं और नहाने के बाद क्रीम से भी मसाज करें। इससे त्‍वचा टाइट रहेगी और रुखी भी नहीं होगी।

* विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार जैसे की मछली आदि में होते है उसका ज्यादा से ज्यादा सेवन करें इससे त्वचा जवाँ बनी रहती है।

* चेहरे पर कॉफी पाउडर का लेप लगाने से कॉफी पाउडर में मौजूद कैफीन की वजह से चेहरे की झुर्रियां बहुत तेजी से खत्म होती है ।

* झुर्रियों के सफल उपचार के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है, दिन में कम से 14 -15 गिलास पानी चाहिए ।

* सुंदर,गोरी और टाइट त्वचा के लिए सप्ताह में 1-2 बार चंदन फेस पैक लगाना चाहिए । चंदन पाउडर का पैक चेहरे पर पड़े गहरे दाग धब्बे , झाइयां और झुर्रियों को जल्दी दूर करता है।

* हर रात को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें, इससे चेहरे के डार्क सर्किल और आंखें सूजी हुई नजर नहीं आएंगी। कभी भी तकिये में मुंह छिपा कर भी नहीं सोएं क्योंकि इससे भी चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।

* हमारी त्वचा पर तेज धूप का बहुत कुप्रभाव पड़ता है। इसलिए धूप में निकलने से पहले त्वचा पर ऐसा सनस्क्रीन, जिसमें जिंक ऑक्साइड हो जरूर लगाएं।

* एलोवेरा एवं शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर हैं। त्वचा में नमी का स्तर बढ़ाने के लिए इन्हे प्रतिदिन आजमाएं इनसे भी झुर्रियां कम होंगी।

 * उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कोलाजिन बनाना बंद हो जाता है, जिससे त्वचा में लचीलापन कम हो जाता है। इस बचने के लिए नमी वाला साबुन और क्रीम का रोज़ इस्तमाल करें। नित्य विटामिन सी युक्त क्रीम प्रयोग करें और ज्यादातर समय धूप से दूर रहें।

* अपनी त्वचा को झुर्रियों से बचाने के लिए हमें नियमित रूप से ताजे फलों जैसे आम, जामुन, संतरा, मौसम्मी, लीची, सेव, अंगूर, नाशपाती, पपीता, अनार और हरी सब्जियों पालक, बंदगोभी और दिन में कम से कम एक बार सलाद का सेवन करना चाहिए । इनमें ढेर सारे विटामिन्स एवं खनिज मसलन आयरन, विटामिन सी, विटामिन बी, फाइबर इत्यादि होते हैं । जो अत्यंत हीं लाभकारी होते हैं तथा हमारी त्वचा को जवान एवं खुबसूरत बनाये रखते हैं

* नियमित व्यायाम करना बहुत जरुरी है। व्यायाम करने से हमारी हर कोशिका को ओक्सिजन एवं रक्त प्राप्त होता है जिससे आपकी त्वचा जवान रहती है तथा झुर्रियां भी दूर रहती है ।

* पेट साफ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर कर भी आप चेहरे पर झुर्रियां पड़ने से रोक सकते हैं।

* तनाव से यथासंभव बचे । तनाव से हमारे शरीर में एक रसायन कोरटीसोल का स्राव होता है जो हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है जिससे झुर्रियां शीघ्र पड़ती है ।

* गुस्सा करने से बचे । गुस्सा करने अथवा तरह तरह से मुंह बनाने से भी चेहरे पर उम्र के पहले हीं झुर्रियां पड़ जाती हैं।

* सिगरेट और शराब दोनों की ही वजह से झुर्रियों बहुत तेजी से पड़ती है । स्मोकिंग से हमारे होठों का रंग काला पड़ जाता है और चेहरे की त्वचा का कोलाजिन भी नष्ट होता है, जिससे चेहरे पर तेजी से झुर्रियां पड़ने लगती है

Saturday, 9 April 2016

जवां दिखने के उपाय - लगाएं ये पानी

इंसान की उम्र बढ़ने के साथ-साथ उसकी त्वचा में भी ढ़ीलापन आ जाता है। ऐसे में वह तेजी से बूढ़ा दिखने लगता है। यदि आपकी त्वचा में भी किसी तरह का ढ़ीलापन व झुर्रियां आ गई हों तो आप इस  घरेलू नुस्खे को जरूर अजमाएं। इससे आपकी त्वचा में चमक आने के साथ-साथ आप जंवा भी दिखने लगेगें। 
चावल से निकले वाले पानी से आपको कई तरह के स्वास्थवर्धक फायदे मिलते हैं। लेकिन चावल का यह पानी आपके चेहरे को फिर से जंवा और चमकदार भी बना सकता है। कैसे चावल के पानी के प्रयोग से त्वचा जवां बन सकती है।

चावल के पानी के गुण
चावल से निकले हुए पानी में कई तरह के विटामिनस और प्रोटीन होने के साथ यह एंटी आक्सीडेट भी होता है। जो त्वचा की झुर्रियों को और दाग-धब्बों को दूर करता है। यह प्राकृतिक क्लींजर भी है। चावल का पानी चेहरे की रंगत को बढ़ाता है।
कैसे बनाएं चावल का पानी
बेहद आसान और सरल तरीकों से आप इसके पानी को बना सकते हो। इसके लिए आप एक कप में चावलों को भर लें और इसे अच्छी तरह से साफ करने के बाद पानी में भिगों दें। 
अब आधे धंटे तक इन चावलों के भीगने के बाद अब इसे किसी बर्तन में रख कर गैस में पका लें।
इसके बाद चावलों से उसके पानी यानि कि मांड को अलग करके ठंडा कर लें और इस पानी से अपने चेहरे की हल्के हाथो से मालिश करें। 
अब आप इसे दस मिनट तक के लिए चेहरे पर सूखने के लिए लगा रहने दें। इसके बाद चेहरे को पानी से धो लें और साफ और सूखे  कपड़े से चेहरा पोछं लें। आपको इसका फायदा नजर आने लगेगा। इस उपाय को हर सप्ताह एक बार जरूर करें। चावल का पानी त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने के साथ ये त्वचा को पोषण भी देता है।

Friday, 18 March 2016

सेंधा नमक बहुत फायदेमंद

क्या आपकी त्वचा अब पहले की तरह कोमल, मुलायम और बेदाग नहीं रह गई है? क्या आपके चेहरे की खूबसूरती को कील-मुंहासों ने छीन लिया है? अगर आप भी कील-मुंहासों और उनसे होने वाले दाग से परेशान आ चुके हैं तो सॉल्ट स्क्रब आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा.
कम ही लोगों को पता होगा कि सेंधा नमक एक बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट है. आप चाहें तो इसका इस्तेमाल स्क्रब के रूप में करके त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकते हैं. ये पूरी तरह नेचुरल है और इससे त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं होता है. सेंधा नमक के स्क्रब के इस्‍तेमाल से डेड स्क‍िन निकल जाती है. पर सीधे तौर पर नमक का इस्तेमाल करने से बेहतर है कि आप इसे किसी चीज के साथ मिलाकर लगाएं. 
सेंधा नमक को एप्सम सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है. एप्सम सॉल्ट के इस्तेमाल से डेड स्क‍िन तो साफ हो ही जाती है साथ ही ब्लैकहेड्स भी दूर हो जाते हैं. एप्सम सॉल्ट को इन चीजों के साथ मिलाकर चेहरे की सफाई करना वाकई फायदेमंद साबित होगा.

1. सॉल्‍ट एंड लेमन स्‍क्रब
एप्सम सॉल्ट में कुछ बूंदें नींबू की मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें. इसे चेहरे पर गोलाई में घुमाकर लगाएं. सप्ताह में दो बार इस स्क्रब का इस्तेमाल करने से मुंहासे, डेड स्क‍िन, ब्‍लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स आसानी से साफ हो जाते हैं.


2. सॉल्‍ट एंड आलमंड ऑयल 
अगर आपकी स्क‍िन ड्राई है तो सॉल्ट एंड ऑयल का ये मिश्रण आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा. आप चाहें तो एप्सम सॉल्ट में बादाम के तेल की या फिर जैतून के तेल की कुछ बूंदे मिला सकते हैं. इससे चेहरा तो साफ हो ही जाएगा, साथ ही चेहरे की नमी भी बरकरार रहेगी.


3. सॉल्ट एंड शहद 
गर्मियों के लिहाज से ये बेहतरीन स्क्रब है. शहद टैनिंग दूर करने का काम करता है और साथ ही त्वचा के नेचुरल मॉइश्चर को लॉक भी करता है. इस स्क्रब को सप्ताह में दो बार लगाकर आप खूबसूरत, बेदाग त्वचा
 पा सकते हैं.


4. सॉल्ट एंड ओटमील
सॉल्ट और ओटमील का स्क्रब ऑयली स्क‍िन वालों के लिए बेहतरीन है. ओटमील और एप्सम सॉल्ट को अच्छी तरह मिला लें और इसमें नींबू का रस, बादाम का तेल मिक्स कर लें. इस मिश्रण को गोलाई में चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं. उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.


समय-समय पर स्क्रब करते रहना अच्छा है लेकिन स्क्रब करने का सही तरीका पता होना भी बहुत जरूरी है. पहली बात तो हर रोज स्क्रब करना खतरनाक हो सकता है. इससे चेहरे का नेचुरल ग्लो फीका पड़ जाता है. हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाई में स्क्रब लगाएं और उसे रब करें. स्क्रब बहुत ड्राई नहीं होना चाहिए. समय-समय पर पानी की या गुलाब जब की कुछ बूंदें चेहरे पर लगाकर मसाज करना ज्यादा बेहतर रहेगा. 



इंसान के शरीर के लिए नमक बेहद जरूरी है। आजकल के आयोडीनयुक्त नमक से ज्यादा अच्छा है सेंधा नमक। यह शरीर में अच्छे से पच जाता है। सेंधा नमक में 65 प्रकार के प्राकृतिक खनिज तत्व पाए जाते हैं। इसलिए यह कई जानलेवा बीमारियों से बचाता है। सेंधा नमक सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। सेंधा नमक प्राकृतिक वरदान है इसलिए आप अपने भोजन में सेंधा नमक का सेवन करना न भूलें। भारत मे अधिकांश लोग समुद्र से बना नमक खाते है जो की शरीर के लिए हानिकारक और जहर के समान है। उत्तम प्रकार का नमक सेंधा नमक है। बहुत अधिक मात्रा में सेंधा नमक भी खाना हानिकारक हो सकता है।
अधिक नमक खाना सेहत पर गलत असर डाल सकता है। इसलिए सभी डाक्टर नमक के अधिक सेवन करने से मना करते हैं। लेकिन एक एसा नमक भी है जो आपको कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। आयुर्वेद में सेंधा नमक को सबसे उत्तम माना गया है। समुद्री नमक कोई बहुत ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍य के लिये लाभकारी नहीं होता लेकिन इसका इतना ज्‍यादा प्रचार कर दिया गया है कि हमें लगता है कि यह सेंधा नमक के मुकाबले बहुत अच्‍छा होता है। अगर आपको लगता है कि समुंद्री नमक में आयोडीन होता है और इसलिये यह शरीर के लिये बहुत अच्‍छा होता है तो, आप गलत हैं। काला नमक स्‍वास्‍थ्‍य का खजाना आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, बल्‍कि आयोडीन तो आपको दही, दूध, अंडा, आलू और हरी सब्‍जियों से ही प्राप्‍त हो सकता है।
सेंधा नमक लाखों साल पुराना समुद्री नमक है जो पृथ्वी की गहराइयों में दबकर बनता है। सेंधा नमक फायदेमंद और भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला होता है। बहुत ही कम लोगों को इस बारे में पता है कि सेंधा नमक इंसान को कई रोगों से बचा सकता है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक और समाज सेवी राजीव भाई दीक्षित का कहना है की समुद्री नमक तो अपने आप मे बहुत खतरनाक है लेकिन उसमे आयोडिन नमक मिलाकर उसे और जहरीला बना दिया जाता है, आयोडिन की शरीर मे अधिक मात्र जाने से नपुंसकता जैसा गंभीर रोग हो जाना मामूली बात है। प्राकृतिक नमक हमारे शरीर के लिये बहुत जरूरी है। इसके बावजूद हम सब घटिया किस्म का आयोडिन मिला हुआ समुद्री नमक खाते है। यह शायद आश्चर्यजनक लगे, पर यह एक हकीकत है।
आयुर्वेद की बहुत सी दवाईयों मे सेंधा नमक का उपयोग होता है। आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप, डाइबिटीज़, लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है। इसके विपरीत सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है। इसकी शुद्धता के कारण ही इसका उपयोग व्रत के भोजन मे होता है।
ऐतिहासिक रूप से पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को 'सेंधा नमक' या 'सैन्धव नमक' कहा जाता है जिसका मतलब है 'सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ'। अक्सर यह नमक इसी खान से आया करता था। सेंधे नमक को 'लाहौरी नमक' भी कहा जाता है क्योंकि यह व्यापारिक रूप से अक्सर लाहौर से होता हुआ पूरे उत्तर भारत में बेचा जाता था।
भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है, उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है। सिर्फ आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि आयोडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।
यह सफ़ेद और लाल रंग मे पाया जाता है। सफ़ेद रंग वाला नमक उत्तम होता है।
हम अक्‍सर भोजन में ज्‍यादातर आयोडीन युक्‍त नमक का ही प्रयोग करते हैं। अगर हमें उपवास रखना है तब हम सेंधा नमक का प्रयोग कर लेते हैं। सेंधा नमक एक पहाड़ी नमक है, जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिये सबसे उत्‍तम है। आयुर्वेद की बहुत सी दवाईयों मे सेंधा नमक का उपयोग होता है। प्राकृतिक नमक हमारे शरीर के लिये बहुत फायदेमंद होता है। आम तौर से उपयोग मे लाये जानेवाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप, डाइबिटीज़, लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है। इसके विपरीत सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है। इसकी शुद्धता के कारण ही इसका उपयोग व्रत के भोजन मे होता है। इसके सेवन से शरीर में ब्लड प्रेशर, चर्म रोग, फेफड़ा, नेत्र रोग, मोटापा, शरीर में जकड़न सहित बीस घातक बीमारियां होती हैं। सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए; क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है। यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है। सेंधा नमक को रोजाना अपने भोजन में प्रयोग करें। उच्च रक्तचाप है तो समुद्री नमक की जगह पर सेंधा नमक खाएं। रक्त विकार आदि के रोग जिसमें नमक खाने को मना हो उसमे भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
यह हृदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मददरूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीरवाला, पचने मे हल्का है। इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। रक्त विकार आदि के रोग जिसमे नमक खाने को मना हो उसमे भी इसका उपयोग किया जा सकता है। यह पित्त नाशक और आंखों के लिये हितकारी है। दस्त, कृमिजन्य रोगो और रह्युमेटिज्म मे काफ़ी उपयोगी होता है।

सेंधा नमक के लाभ

 

1. सेंधा नमक हड्डियों को मजबूत रखता है।
2. मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या सेंधा नमक के सेवन से ही ठीक हो सकती है।
3. नियमित सेंधा नमक का सेवन करने से प्राकृतिक नींद आती है। यह अनिंद्रा की तकलीफ को दूर करता है।
4. यह साइनस के दर्द को कम करता है।
5. शरीर में शर्करा को शरीर के अनुसार ही संतुलित रखता है।
6. पाचन तंत्र को ठीक रखता है।
7. यह शरीर में जल के स्तर की जांच करता है जिसकी वजह से शरीर की क्रियाओं को मदद मिलती है।
8. पित्त की पत्थरी व मूत्रपिंड को रोकने में सेंधा नमक और दूसरे नमकों से बेहद उपयोगी है।
9. पानी के साथ सेंधा नमक लेने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
10. सेंधा नमक का सेवन दमा के रोगीयों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
11. यह नमक वजन को नियंत्रित करता है क्योंकि यह शरीर में पाचक रसों का निर्माण करता है। जिससे खाना जल्दी पच जाता है और कब्ज भी दूर हो जाती है।
12. सेंधा नमक को पानी के साथ लेने से कोलेस्ट्रोल कम होता है और हाई ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है, इसलिए यह दिल के दौरे को रोकने में मदद करता है
13. अनियमित दिल की धड़कनों को नियंत्रित करता है।
14. डायबिटीज के मरीजों को सेंधा नमक अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए।
15. मानसिक तनाव को कम करने के लिए सेंधा नमक का सेवन बेहद जरूरी है; क्योंकि यह तनाव का सामना करनेवाले हार्मोन्स सेरोटोनिन और मेलाटोनिन को शरीर में बनाए रखता है।
16. इसके नियमित सेवन से तनाव रहित नींद भी आती है।
17. सेंधा नमक खून के विकार को भी दूर करता है। इसकी तासीर ठंडी होती है।
18. सेंधा नमक का नियमित सेवन करने से फेफड़ों के रोग, चर्म रोग और शरीर की जकड़न आदि नहीं होते हैं।
19. पायरिया की समस्या से दांतों में काले धब्बे बन जाते है। ऐसे में सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दांतों पर मलें। इस उपाय को कुछ दिनों तक लगातार करते रहें।
20. नाखूनों के पीलेपन को हटाता है सेंधा नमक।
21. सेंधा नमक कफ और वात दोष को भी खत्म करता है।
22. रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) पर नियन्त्रण रहता है।
23. यह पित्त नाशक और आंखों के लिये हितकारी है।
24. दस्त, कृमिजन्य रोगो और रह्युमेटिज्म में काफ़ी उपयोगी होता है।
25. वात, पित्त और कफ को दूर करता है।
26. यह पाचन में सहायक होता है।
27. आंखों के लिये हितकारी है।
28. सेंधा नमक में पोटैशियम,  कैल्शियम, आयोडीन, लिथियम, फास्फोरस, क्रोमियम, मैंगनीज, लोहा, जस्ता, स्ट्रोंटियम और मैग्नीशियम सहित 65 प्रकार के प्राकृतिक खनिज तत्व पाए जाते हैं।
29. आप बॉडी स्क्रब में इसका उपयोग कर सकती हैं। सेंधा नमक का कण को आपके रोम छिद्रों को अंदर तक साफ करता है जो कोई भी साबुन नहीं कर सकता है। इससे आपकी त्वचा को फिर से सांस लेने की मौका मिलता है और त्वचा पर ग्लो आती है।
30. पैरों और हाथों की सफाई के लिए यह नमक त्वचा को ड्राई नहीं बनाता है, इसलिए आप इससे पैरों की एडिय़ों और हाथों को स्क्रब कर सकती है।
31. आपके हाथ के नाखून पीले हो रहे हैं तो पीलापन दूर करने के लिए सेंधा नमक के पानी में कुछ देर तक हाथ डुबोने से आपके पीले नाखून सफेद हो जाएंगे।
32. चेहरे से झुर्रियों को दूर करने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। सेंधा नमक में नींबू और अदरक के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
33. सेंधा नमक या काला नमक को चेहरे पर हल्के हाथों से रगडऩे से चेहरे से दाग-धब्बे दूर होते हैं।
34. सेंधा नमक सांसों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं को दूर करता है। अस्थमा से जूझ रहे मरीजों को सेंधा नमक का सेवन जरूर करना चाहिए।
35. मेटाबॉलिज्म सही रखता है, मूड को सही रखता है, तनाव की समस्या दूर करता है, भूख को बढ़ाता है, पेट की बीमारियों से छुटकारा।
36. आंखों के लिए अच्छा है, संक्रमण को राहत देने में मदद करता है।
37. हिचकी में उपयोगी।
38. कब्ज, सूजन से राहत मिलती है।



सेंधा नमक से सेहत को होने वाले अनगिनत लाभ एक्टिव और फिट रखता है रॉक साल्ट में लगभग 84 प्रकार के ऐसे मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। खासतौर से इसमें मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम बहुत ही लाभ पहुंचाते हैं। ये बॉडी को फिट रखने के लिए सबसे जरूरी तत्व माने जाते हैं।
सेंधा नमक को खाने में शामिल करके बॉडी को एक्टिव और फिट रखा जा सकता है। सांसों की परेशानियों को दूर करता है बहुत ही कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि सेंधा नमक सांसों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं को दूर करता है। अस्थमा से जूझ रहे मरीजों को सेंधा नमक का सेवन जरूर करना चाहिए।
Other benefits: मेटाबॉलिज्म सही रखता है, मूड को सही रखता है, तनाव की समस्या दूर करता है, भूख को बढ़ाता है, पेट की बीमारियों से छुटकारा।
मेटाबॉलिज्म सही रखता है : सेंधा नमक के सेवन से मेटाबॉलिज्म का लेवल सही बना रहता है, जो पूरी बॉडी के फंक्शन के लिए जिम्मेदार होता है। सेंधा नमक शरीर में पानी की उचित मात्रा को भी बनाए रखता है। इससे बॉडी को हाइड्रेट रहती है, साथ ही डाइजेशन भी सही रहता है। खाने में इसे शामिल करके ब्लड सर्कुलेशन को भी सही रखा जा सकता है। सही ब्लड सर्कुलेशन कई सारी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होता है। मूड को सही रखता है सेंधा नमक बॉडी में ऑक्सीजन की उचित मात्रा को भी बनाए रखता है। बॉडी में ऑक्सीजन के सही फ्लो से कई बीमारियां दूर रहती हैं। इससे सीजनल बुखार में भी राहत मिलती है।
तनाव की समस्या दूर करता है : रॉक साल्ट लैम्पस में मौजूद अरोमा बॉडी और दिमाग को रिलैक्स करता है। इससे तनाव, चिंता जैसी समस्याएं कोसों दूर रहती हैं। भूख को बढ़ाता है भूख न लगने की समस्या को भी सेंधा नमक खाकर दूर किया जा सकता है। इसकी चुटकी भर मात्रा खाने से डाइजेशन सही रहता है। पेट की बीमारियों से छुटकारा खाने-पीने में लापरवाही और गड़बड़ी से अपच, कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या आम बात है। यह कई बीमारियों का कारण बनती है। ऐसी किसी भी समस्या को दूर करने के लिए खाने के बाद सेंधा नमक का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।

गारगल करें गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर उससे गारगल करें। इससे न सिर्फ दांतों की चमक बढ़ती है, बल्कि गले से संबंधित कई प्रकार की परेशानियां भी दूर होती हैं। नहाएं बॉडी को रिलैक्स और रिफ्रेश करने के लिए सेंधा नमक को नहाने के पानी में मिलाएं या इससे बॉडी पर हल्का-सा मसाज करने के बाद गुनगुने पानी से नहाएं। दोनों ही तरीके बहुत ही फायदेमंद होते हैं। मसल्स को रिलैक्स करने के साथ ही यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है। साथ ही, बॉडी को डिटॉक्सीफाई भी करता है। पानी में मिलाकर पिएं पानी या लस्सी में सेंधा नमक मिलाकर पीना बहुत ही फायदेमंद रहेगा। ये डाइजेशन से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं को दूर करता है और पेट की समस्याओं से निजात दिलाता है।

Wednesday, 16 March 2016

बेर के नियमित सेवनसे त्वचा लंबी उम्र तक जवां बनी रहेगी

सर्दियों के दिनों में फलों की टोकरी में एक नयाछोटासा लेकिन बड़े फायदों वाला फल भी आया हुआ है। कुछ ही समय के लिए बाजार में आने वाला बेर कई गुणों का खजाना है। बेर बहुत ही उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर फल है। बेर को ज्यादातर लोगों ने बचपन में खाया होगा बेर बहुत ही उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर फल है। इन दिनों बेर का मौसम भी है। बेर को अधिकतर लोग बचपन में तो बहुत पसंद करते हैंलेकिन बड़े होने पर खट्टेपन के कारण इसे नहीं खाते हैं। साथ हीएक बड़ा कारण यह भी है कि लोग इसके गुणों से अनजान हैं। आज हम आपको बता रहे हैंबेर खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं। बेर एक मौसमी फल है. हल्के हरे रंग का यह फल पक जाने के बाद लाल-भूरे रंग का हो जाता है. बेर को चीनी खजूर के नाम से भी जाना जाता है. चीन में इसका इस्तेमाल कई प्रकार की दवाइयों को बनाने में किया जाता है. बेर में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है लेकिन ये ऊर्जा का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व, विटामिन और लवण पाए जाते हैं. इन पोषक तत्वों के साथ ही ये एंटी-ऑक्सीडेंट के गुणों से भी भरपूर होता है.




सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है बेर?

1. रसीले बेर में कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने का गुण पाया जाता है.
2. अगर आप वजन कम करने के उपाय खोज रहे हैं तो बेर आपके लिए एक अच्छा विकल्प है. इसमें कैलोरी न के बराबर होती है.
3. बेर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटैशियम पाया जाता है. ये रोग प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने का काम करता है.
4. बेर एंटी-ऑक्सीडेंट्स का खजाना है. लीवर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी यह एक फायदेमंद विकल्प है.
5. बेर खाने से त्वचा की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है. इसमें एंटी-एजिंग एजेंट भी पाया जाता है.
6. अगर आप कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो बेर खाना आपको फायदा पहुंचा सकता है. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है.
7. बेर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और फाॅस्फोरस पाया जाता है. यह दांतों और हड्ड‍ियों को मजबूत बनाता है.

बेर दो तरह के होते है एक बड़े आकर वाले और दूसरे छोटवाले होते है पका बेर स्वाद के साथ शरीर को कई रोग से बचाता है
गुर्दो में दर्द हो जाये तो बेरी के पत्तो को पीस कर उसका लेप पेट के गुर्दे वाली जगह पर करने से दर्द शांत होता है
बालों के झड़ने या रूखेपन से बचाने के लिए बेरी के पत्तो को हाथ से मसल कर पानी में उबाल ले और उस पानी को छान कर उससे सिर धोये तो इन समस्याओ से निजात मिलती है और रुसी की परेशानी भी हल हो जाती है

मुंह के छालों की समस्या हो जाये तो बेरी की छाल को अच्छी तरह सुखा कर चूर्ण बनाये और उस चूर्ण को छालों पर लगाये तो आराम मिलेगा

टी बी जैसे खतरनाक रोग का बहुत ही सरल उपाय बेर है मरीज़ दिन में - बार एक पाव बेर प्रतिदिन सेवन करने से टी बी से बचाव और रोगमुक्ति संभव है

नाक में फुंसी हो जाये तो बहुत परेशान करती है अतः एक बेर को छील कर बार बार सूंघे तो ये ठीक हो जाती है
अंतड़ियों में घाव हो या पाचन शक्ति कमजोर हो तो मरीज़ को सुबह जल्दी उठकर खाली पेट एक पाव बेर खाने चाहिए, दिन में भोजन के बाद बेर खाने चाहिए और साँझ के समय खाने के बाद बेर खा सके तो उसका रस पी ले तो अंतड़ियों की सभी परेशानी दूर हो जाती है  

इनके खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है

एसिडिटी :
1. खाने से पहले दो चम्मच शहद पर थोड़ा-सा दालचीनी पावडर बुरककर चाटने से एसिडिटी में राहत मिलती है और खाना अच्छे से पचता है।

2.सीने में जलन, खट्टी डकार जैसा महसूस हो तो पानी में नींबू का रस डालकर पिएं। नींबू के पाचक गुणों के कारण ये सारी तकलीफें दूर हो जाएंगी। नींबू का अचार भी भोजन के साथ प्रयोग करना काफी लाभकारी रहता है।

सिर दर्द :
1.सिर दर्द होने पर गुनगुने पानी में अदरक नीबू का रस थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
कुछ खास हैंबेरमें
त्वचा पर कट या घाव होने पर फल का गुदा घिसकर लगाने से घाव जल्दी भरता हैं।
फेंफडे सम्बन्धी बीमारी और बुखार ठीक करने के लिए इसका जूस बेहद लाभकारी माना जाता है।

बेर को नमक और काली मिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर होती हैं।
सूखे हुए बेर खाने से कब्जियत और पेट सम्बन्धित पुरानी बीमारी भी दूर होती हैं।
बेर को छाछ के साथ लेने से घबराहट और उलटी होना और पेट में दर्द की समस्या ख़त्म होती है।
बेर की पत्तियां तेल के साथ लुग्दी बनाकर शरीर पर लगाने से लीवर सम्बन्धी समस्या में लाभ मिलता हैं।
बेर के नियमित सेवन से अस्थमा और मसूडो के घाव को भरने में मदद मिलती हैं।
बेर की जड़ों का जूस थोड़ी सी मात्रा मे पिने से गठिया और वात जैसी बीमारी को केवल कम किया जा सकता है, बल्कि बढने से भी रोका जा सकता है।
बेर का फल खुश्की और थकान दूर करने की ताकत रखते हैं।
बेर और नीम के पत्ते पीसकर लगाने से सिर के बाल गिरने कम होते है।
डायबिटीज से बचना है तो खाएं जामुन, चॉकलेट
एक अध्ययन में पता चला है कि जामुन, चाय और चॉकलेट का हर रोज पर्याप्त मात्रा में सेवन करने से मधुमेह का खतरा कम रहता है। ईस्ट एंजेलिया विश्वविद्यालय एवं ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं के मुताबिक जामुन, चाय और चॉकलेट में मौजूद फ्लेवोनॉयड एवं एंथोसाइनिंस का उच्च स्तर टाइप 2 मधुमेह से रक्षा करता है।

बैर में कार्बोज 20-30 G.m., प्रोटीन 2.5 G.m., वसा 0.07 G.m., थाईमिन 0.02 M.g., राईबोफ्लेविन 0.03 M.g., कैल्शियम 25.6 M.g., आयरन 1.5-1-8 M.g., फॉस्फोरस 26.8 M.g. आदि पोषक तत्व उपस्थित होते हैं। चलिए आज जानते हैं बेर खाने से होने वाले कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में...


ट्यूमर से बचाव-
मेडिकल अध्ययन के अनुसार बेर से लो-ब्लड प्रेशर, अनीमिया, लिवर की समस्याओं से राहत मिलती है। यह शरीर में ट्यूमर सेल्स पनपने नहीं देता। इसे खाने से स्किन भी ग्लो करती है।

विटमिन सी से भरपूर होता है-
संतरे और नींबू की ही तरह बेर में भी प्रचूर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है। इसमें अन्य फलों के मुकाबले विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होती है। संतरे और नींबू में मौजूद विटमीन सी का बेहतरीनविकल्प है बेर। बेर में विटमिन सी की मात्रा खट्टे फलों से 20 गुना ज्यादा है। सर्दियों में संतरे और नींबू की जगह आप बेर का इस्तेमाल कर इस की कमी पूरी कर सकते हैं। इसके सेवन से त्वचा लंबी उम्र तक जवां बनी रहती है।

पेट दर्द की समस्या खत्म कर देता है-
बेर को छाछ के साथ लेने से पेट दर्द की समस्या खत्म हो जाती है।

दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है-
बेर खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है। इस कारण दिल से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना कम हो जाती है।

बालों के लिए फायदेमंद-
बेर की पत्तियों में 61 आवश्यक प्रोटीन पाए जाने के साथ विटामिन सी, केरिटलॉइड और बी कॉम्प्लेक्स भी अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह बालों को घना और हेल्दी बनाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है-
बेर में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम और आयरन और खनिज पदार्थ भी मौजूद होते हैं। इन तत्वों से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। जिससे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही इंफेक्शन से लड़ने में भी मदद मिलती है। 

घाव जल्दी भर देता है-
बेर की पत्तियों को पीसकर तेल के साथ लेप बनाकर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है। बेर का गूदा लगाने से भी घाव ठीक हो जाता है।

खांसी बुखार में और फेफड़ों के लिए है फायदेमंद-
बेर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लामेटरी गुण होते हैं। बेर का जूस खांसी, फेफड़े की बीमारियों और बुखार के इलाज में भी सहायक है। वैज्ञानिकों ने इसमें आठ तरह के फ्लेवेनॉयड ढूंढे हैं। इसमें ऐंटी-ऑक्सिडेंट और ऐंटी-इंफ्लमेटरी गुण भी हैं, जिससे ये सूजन भी भगाता है।

अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है और  नींद लाने में मददगार-
बेर में 18 प्रकार के महत्वपूर्ण अमीनो ऐसिड मौजूद हैं, जो शरीर में प्रोटीन को संतुलित करते हैं। साथ ही, अनिद्रा की समस्या दूर करते हैं। चीनी दवाओं में इसके बीज से और अनिद्रा (इंसोमेनिया) का इलाज होता है।