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Wednesday, 23 March 2016

गंजेपन में बाल उगना शुरू हो जाते हैं

  • दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसे सिर में लगाने से गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।
  • मेथी के बीजों का पेस्ट बालों में लेप करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।
  • चुकन्दर के पत्ते का रस सिर में मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।
  • नीम के पत्ते 10 ग्राम तथा बेर के पत्ते 10 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह पीसकर इसका उबटन (लेप) तैयार कर लें। इसके बाद इस लेप को सिर पर लगाकर 1 से 2 घण्टे बाद धोने से बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग एक महीने तक करने से लाभ मिलता है।
  • उड़द की दाल को उबालकर पीस लें। रात को सोने के समय सिर पर लेप करें। इससे गंजापन धीरे-धीरे दूर हो जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।
  • सिर में लहसुन का रस लगाने से बाल उग जाते हैं। इसका प्रयोग 60 दिनों तक करने से गंजापन दूर कर सकते हैं।
  • गंज (सिर पर कहीं से बाल उड़ जाने को गंज कहते हैं) वाले भाग पर प्याज का रस रगड़ने से बाल वापस उगने लगते हैं और बाल गिरने रुक जाते हैं।
  • प्याज के रस में नमक और कालीमिर्च का पाउड़र मिलाकर मालिश करने से सिर की दाद के कारण सिर के उड़ गये बाल फिर से आने लगते हैं।
  • प्याज का रस शहद में मिलाकर गंजेपन की जगह पर लगाने से फिर से बालों का उगना शुरू जाता है।
  • पके केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।
  • हरे धनिया का पानी निकालकर (पत्ते का रस) सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।
  • अलसी के तेल में बरगद (वटवृक्ष) के पत्तों को जलाने के बाद उसे पीसकर और छानकर रख लें। इस तेल को सुबह-शाम सिर में लगायें। इसी तरह इसे लगाते रहने से सिर पर फिर से बालों का उगना शुरू हो जाता है।
  • बालों में भाप देने से बाल रेशम की तरह चमकदार और स्वस्थ होते हैं। इससे बालों का झड़ना भी बन्द हो जाता है। भाप देने के लिए सबसे पहले एक भगोने में गर्म पानी लें और एक तौलिये में इसे भिगोकर हल्का सा निचोड़कर बालों में लपेट लें। ठंड़ा होने पर दूसरे तौलिया को इसी तरह भिगोकर लपेटें। इसी तरह 10 मिनट तक भाप दें। जिस दिन बालों में भाप देनी है उससे एक दिन पहले ही सिर में तेल लगा लें।
  • सूखे आंवले को रात में पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इसी पानी से सिर को धोयें। इससे बालों की जड़ें मजबूत हो जाती हैं |
  • कम उम्र में बाल गिरते हों और बाल सफेद हो गये हों तो इसके लिए तुलसी के पत्ते और आंवले का चूर्ण पानी के साथ मिलाकर सिर में मालिश करें। इसके 10 मिनट बाद सिर को धो लें। इससे बालों का झड़ना कम होता है तथा बाल काले और लंबे भी होते हैं।
  • मेंहदी के पत्ते और चुकन्दर के पत्ते को चटनी की तरह पीसकर सिर में लगाने से बालों का गिरना बन्द हो जाता है और नये बाल आ जाते हैं।
  • दोनों हाथों के नाखूनों को आपस में प्रतिदिन तीन बार ५-५ मिनट आपस में रगड़ें | इससे बालों का गिरना बन्द हो जाता है |

बालों को काला करना


सिर की त्वचा में जमे मैल के कारण बाल रूखे हो जाते हैं और कमजोर होकर झड़ने लगते हैं, बालों में जमी मैल ही रूसी को जन्म देती है जो बालों की सबसे बड़ी शत्रु है। सिर की सफाई और बालों की स्वच्छता पर हमेशा ध्यान रखना चाहिए। दवाओं का मनमाना उपयोग, पूरी नींद न लेना तथा चिन्ता करना भी बालों के लिए बहुत हानिकारक होता है। इसी कारण बाल झड़ते, टूटते और जल्दी सफेद हो जाते हैं। बालों को स्वस्थ रखने के लिए बालों में तेल लगाना जरूरी है। आजकल फैशन के चलते लोग बालों में तेल नहीं लगाते हैं। यह बालों के लिए नुकसानदायक है। बालों को रीठा और शिकाकाई से धोने के बाद 1 नींबू का रस ठंड़े पानी के साथ मिलाकर बालों की जड़ों में लगाने से बाल काले होते हैं। इससे बालों का रूखापन दूर हो जाता है और इससे प्राकृतिक चमक देखने को मिलती है।
विभिन्न औषधियों से उपचार-
1. आंवला :
पिसे हुए सूखे आंवले के चूर्ण को नींबू के रस के साथ पीसकर बालों में लेप करने से बाल काले हो जाते हैं।
आंवला और लौह चूर्ण को पानी के साथ पीसकर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
2. समुद्रफल : समुद्रफल को पानी के साथ पीसकर बालों में लगाने से 3 महीने में ही बाल काले हो जाते हैं।
3. इन्द्रायण : इन्द्रायण के बीजों का तेल लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
4. भृंगराज :
भृंगराज और गुड़हल के फूलों को बराबर लेकर भैंस के दूध के साथ पीस लें और इसे रोजाना रात को लगाकर सो जायें। इससे कुछ ही दिनों में ही बाल काले हो जाते हैं।
भृंगराज का पिसा हुआ बारीक चूर्ण और काले तिल को बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। इस मिश्रण को 1 चम्मच की मात्रा में रोजाना सुबह के समय मुंह धोने के बाद खूब चबाकर खायें और ऊपर से ताजा पानी पी लें। इसे लगातार 6 महीने तक प्रयोग करना चाहिए। इससे समय से पहले बालों का पकना और झड़ना कम हो जाता है तथा बाल काले, लंबे, मजबूत और चमकदार बनते हैं। इसका प्रयोग 40 साल तक के व्यक्तियों के लिए ज्यादा फायदेमन्द है।
5. सरसों : 1 लीटर सरसों का तेल, रतनजोत, मेहंदी के पत्ते, जलभांगरा के पत्ते तथा आम की गुठलियों को 100-100 ग्राम की मात्रा लेकर सभी को कूटकर लुगदी बना लें और लुगदी को निचोड़ लें। इस पानी को सरसों के तेल में इतना उबालें कि सारा पानी जल जाए, केवल तेल ही शेष बचे। इसे छानकर इसका तेल रोजाना सिर पर लगायें। इस प्रयोग में सुबह के समय शीर्षासन करना चाहिए और सुबह-शाम 250 मिलीलीटर दूध पीना चाहिए। इससे बाल काले हो जाते हैं।
6. नींबू :
नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं।
नींबू का रस सिर में मालिश करने से बालों का पकना और गिरना बन्द हो जाता है। सूखे आंवले के पिसे हुए चूर्ण को नींबू के रस के साथ सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होने लगते हैं। इससे बालों के अन्य रोग भी सही हो जाते हैं।
नींबू के छिलके को नारियल के तेल में डुबोकर 8-10 दिनों तक धूप में रख दें और इसके बाद इसे छानकर बालों की जड़ों में मालिश करें। इससे बाल काले और घने हाते हैं।
शैम्पू या साबुन से सिर को साफ करने के बाद 1 गिलास पानी (सर्दियों में गुनगुना पानी तथा गर्मियों में सादा पानी) में 1 नींबू का रस और सिरके की कुछ बूंदें मिलाकर सिर के बालों को अच्छी तरह से धो लें। इससे बाल रेशम की तरह चमकदार सुन्दर और मुलायम हो जाते हैं और सिर की रूसी भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाती हैं। इससे बाल भी जल्दी गंदे नहीं होते हैं।
7. घी : घी खाने और बालों की जड़ों में घी मालिश करने से बाल काले होते हैं।
8. तुरई (तोरी) : तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसमें नारियल का इतना तेल डालें कि यह पूरी तरह से डूब जाए। इसी प्रकार 4 दिनों तक इसे भिगोयें, फिर उबालें और इसे छानकर बोतल में भरकर रख लें। इस तरह इस तेल को बालों में लगाने और मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं।
9. गाजर : रोजाना गाजर का रस पीने से बाल काले और स्वस्थ रहते हैं।
10. प्याज : प्याज का रस पीसकर बालों पर लेप करने से बाल काले रंग के उगने चालू हो जाते हैं।
11. दही :
10 पिसी हुई कालीमिर्च का चूर्ण और 1 नींबू निचोड़कर आधा कप दही में मिला लें और इसे बालों पर लगाकर 20 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद सिर को धो लें। इससे बाल काले और मुलायम हो जाते हैं।
100 ग्राम दही में बारीक पिसी हुई 1 ग्राम कालीमिर्च को मिलाकर सप्ताह में एक बार सिर को धोयें और बाद में गुनगुने पानी से सिर को धो लें। इस प्रयोग को करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है तथा बाल काले और सुन्दर हो जाते हैं।
12. तिल : जिसके बाल सफेद हो गये हो और झड़ते हो तो वह रोजाना तिल खायें और उसी का तेल लगायें। इससे उसके बाल काले, लंबे और मुलायम हो जाते हैं।
13. मेथी : मेथी को खाने और इसका तेल सिर में लगाने से सफेद बाल कम होते हैं।
14. गेहूं : गेहूं के पौधे का रस पीने से बाल कुछ ही दिनों में काले हो जाते हैं।
15. कालीमिर्च : जुकाम में भी बाल सफेद हो जाते हैं। अगर बाल जुकाम के कारण सफेद हो गये हो तो 10 कालीमिर्च रोजाना सुबह-शाम निगल जायें। 
इससे कफ-विकार (बलगम रोग) खत्म हो जाते हैं और नये बाल उगना शुरू हो जाते हैं। इसका प्रयोग 1 साल से अधिक करें। तिल के तेल में कालीमिर्च को बारीक पीसकर बालों में लगाने से बाल काले हो जाते हैं।
16. तुलसी : बराबर मात्रा में तुलसी और हरा धनिया पीसकर आंवले के रस के साथ कुछ दिनों तक लगाएं। बाद में ताजे पानी से बालों को धो लें। इससे बाल काले बनते हैं।
17. रीठा : 250-250 ग्राम रीठा और सूखा आंवला पिसा हुआ, शिकाकाई की फली, मेहंदी की सूखी पत्तियां तथा नागरमोथा 25-25 ग्राम, इन सबको मिलाकर एक साथ पीस लें। शैम्पू तैयार है। इसका एक बड़ा चम्मच पानी में उबालकर इससे सिर को धोयें। इससे बाल सफेद और साफ हो जायेंगे तथा सफेद बालों में कालापन आ जाएगा।
18. नारियल : 300 मिलीलीटर नारियल के तेल में कालीमिर्च (मोटी कुटी हुई) 3 ग्राम (लगभग एक चम्मच) डालकर गर्म कर लें। थोड़ा तेज गर्म हो जाने पर साफ कपड़े से छानकर बोतल में भर लें। रात में सोने से पहले इसे बालों की जड़ों में अंगुलियों के सिरों से हल्की-हल्की मालिश करें। इससे बाल काले हो जाते हैं।
19. मुल्तानी मिट्टी : 100 ग्राम मुल्तानी मिट्टी 1 कटोरे में लेकर पानी में भिगो दें। जब यह 2 घंटे में फूलकर लुग्दी सी बन जाए तो हाथ से मसलकर गाढ़ा घोल बना लें। ध्यान रहे कि इसमें डालिया न बचने पायें। इस घोल को सूखे बालों में डालकर मुलायम हाथों से धीरे-धीरे बालों में लगायें। इसे लगाने के 5 मिनट बाद सर्दियों में गुनगुना और गर्मियों में ठंड़े पानी से धो लें। अगर बाल ज्यादा गंदे हो तो वैसे ही करें। इस तरह साबुन की जगह मुल्तानी मिट्टी से बालों को सप्ताह में 2 बार धोने से उसमें अच्छी चमक देखने को मिलती है। पहली बार ही धोने से सिर में हल्कापन और शीतलता का अनुभव होता है जैसा कि और शैम्पू में नहीं देखने को मिलता है।
20. बेसन का शैम्पू : साबुन की जगह सप्ताह में दो बार बेसन को पानी में सही तरह से घोलकर बालों में लगाएं और इसे 1 घण्टे बाद धो लें। इससे बाल घने और काले होते हैं। इस तरह बालों की गन्दगी साफ हो जाती है, बाल चमकीले और मुलायम हो जाते हैं। सिर की खाज खुजली और फुन्सियां जल्द ही ठीक हो जाती हैं।
21. काला तिल :
250 ग्राम काला तिल, 250 ग्राम गुड़ दोनों को सही तरह से कूटकर रख लें। इसे रोजाना 50 ग्राम खाने से शरीर में ताकत आती है। इससे पेशाब अधिक नहीं लगता और उम्र से पहले आये सफेद बाल काले होने लगते हैं।
काला तिल, सूखा भृंगराज, सूखा आंवला और मिश्री को बराबर लेकर बनाये गये चूर्ण को रोजाना सुबह 6 ग्राम की मात्रा में खाकर ऊपर से 250 मिलीलीटर दूध का सेवन करें। इसे 1 साल तक लगातार खाने से रूप बदल जाता है।
नोट- इस प्रयोग के समय ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
22. सूखा आंवला : 500 ग्राम सूखा आंवला, 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम मिश्री और 2 लीटर पानी लेकर रख लें। इसके बाद सबसे पहले आंवले को पीसकर रात को भिगो दें। इसे सुबह मसलकर छान लें। इस छाने पानी में शहद और मिश्री मिलाकर बोतल में भरकर रख दें। इसे सुबह-शाम 20-20 मिलीलीटर खाने के साथ सेवन करें। इसके सेवन से पेट की कब्ज और गर्मी नष्ट हो जाती है और दिमागी चेतना बढ़ती है तथा उम्र से पहले सफेद हुए बाल भी काले होने लगते हैं।
23. मेहंदी :
50 ग्राम मेहंदी, आधा चम्मच कॉफी और 25 आंवला को दूध में भिगोकर बालों में लगा लें, 1 घण्टे के बाद पानी से सिर धो लें, सप्ताह में 2 बार ऐसा करने से सफेद बाल काले-सुनहरे हो जाते हैं।
6 चम्मच मेहंदी, 4 चम्मच सूखा आंवला, 1 चम्मच कॉफी, चौथाई चम्मच कत्था-इन सबको मिलाकर 1 लोहे के बर्तन में कॉफी के उबले हुए पानी में भिगो लें। दूसरे दिन इनका बालों पर लेप करें। 20 मिनट तक लेप को लगा रहने दें। इसके बाद सिर को धो लें और सिर में आंवले का तेल लगाएं। आंवला बालों के लिए एक प्राकृतिक (कुदरती) देन है। इसे बालों में किसी भी तरीके से लगा सकते हैं और इसका रस पीयें। इससे बालों को लाभ होता है।
मेहंदी के पत्तों का चूर्ण और नील के पत्तों का चूर्ण समान मात्रा में लेप बनाकर लगाने से सफेद बाल प्राकृतिक रूप से काले हो जाते हैं।
मेहंदी, दही, नींबू और चाय की पत्तियों को मिलाकर 2 से 3 घंटे तक बालों में लगाने से बाल घने, मुलायम, काले और लंबे हो जाते हैं।
24. जटामांसी : जटामांसी के काढ़े से बालों की मालिश करके सुबह-सुबह रोज लगायें और 2 घंटे के बाद नहा लें इसे रोजाना करने से फायदा पहुंचेगा।
25. नीम : नीम के बीजों को भांगरा और विजयसार के रस के साथ कई बार उबालकर उसके बीजों का तेल निकालकर 2-2 बूंदों को नाक से लेने से तथा आहार में केवल दूध और भात को खाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
26. योगासान : शीर्षासन और सर्वांगासन सही ढंग से करते रहने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बालों का झड़ना कम हो जाता है। इससे बाल सफेद नहीं होते तथा बाल काले, चमकीले और सुन्दर बन जाते हैं।
विशेष : युवावस्था से ही सुबह-शाम भोजन करने के बाद वज्रासन में बैठकर 2-3 मिनट तक लकड़ी, सींग और हाथी दांत की कंघी करने से बालों का सफेद होना कम हो जाता है। इससे बालों का जल्दी पकना और गिरना, सिर की खुजली, सिर का पिलपिला होना, चक्कर और सिर की गर्मी नष्ट हो जाती है।

Saturday, 12 March 2016

होली के दौरान त्वचा और बालों रखें ख्याल (take care of your skin and hair in holi)

होली के पावन त्योहार में अपनी त्वचा की रक्षा के लिए होली खेलने से 20 मिनट पहले त्वचा पर 20 एस.पी.एफ. सनस्क्रीन का लेप कीजिए. यदि आपकी त्वचा पर फोड़़े, फुन्सियां आदि हैं तो 20 एस.पी.एफ. से ज्यादा की सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए. ज्यादातर सनस्क्रीन में माइस्चराइजर ही विद्यमान होता है. यदि आपकी त्वचा अत्यधिक शुष्क हैं तो पहले सनस्क्रीन लगाएं, फिर कुछ समय इंतजार के बाद ही त्वचा पर माइस्चराइजर का लेप करें.
आप अपनी बाजू तथा सभी खुले अंगों पर माइस्चराइजर लोशन या क्रीम का उपयोग करें.होली खेलने से पहले सिर में बालों पर हेयर सीरम या कंडीशनर का उपयोग करें. इससे बालों को गुलाल के रंगों की वजह से पहुंचने वाले सूखेपन से सुरक्षा मिलेगी तथा सूर्य की किरणों से होने वाले नुकसान से भी बचाव मिलेगा.
आजकल बाजार में सनस्क्रीन सहित हेयर क्रीम आसानी से उपलब्ध हो जाती है. थोड़ी से हेयर क्रीम लेकर उसे दोनों हथेलियों पर फैलाकर बालों की हल्की-हल्की मालिश करें. इसके लिए आप विशुद्ध नारियल तेल की बालों पर मालिश भी कर सकते है. इससे भी रासायनिक रंगों से बालों को होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है.
रंगों से नाखूनों की सुरक्षा : होली के रंगों से नाखूनों को बचानें के लिए नाखूनों पर नेल वार्निश की मालिश करनी चाहिए. होली खेलने के बाद त्वचा तथा बालों पर जमे रंगों को हटाना काफी मुश्किल कार्य है. उसके लिए सबसे पहले चेहरे को बार-बार साफ निर्मल जल से धोएं तथा इसके बाद क्लीजिंग क्रीम या लोशन का लेप कर लें तथा कुछ समय बाद इसे गीले काटन वूल से धो डालें. आंखों के इर्द गिर्द के क्षेत्र को हल्के-हल्के साफ करना न भूलें. क्लींजिंग जैल से चेहरे पर जमे रंगों को धुलने तथा हटाने में काफी मदद मिलती है.घरेलू क्लींजर ऐसे बनाएं : अपना घरेलू क्लींजर बनाने के लिए आधा कप ठंडे दूध में तिल, जैतून, सूर्यमुखी या कोई भी वनस्पति तेल मिला लीजिए. काटन वूल पैड को इस मिश्रण में डुबोकर त्वचा को साफ करने के लिए उपयोग में लाएं. शरीर से रासायनिक रंगों को हटाने में तिल के तेल की मालिश महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. इससे न केवल रासायनिक रंग हट जाएंगे बल्कि त्वचा को अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी.



तिल के तेल की मालिश से सूर्य की किरणों से हुए नुकसान की भरपाई में मदद मिलती है. नहाते समय शरीर को लूफ या वाश कपड़े की मदद से स्क्रब कीजिए तथा नहाने के तत्काल बाद शरीर तथा चेहरे पर माइस्चराइजर का उपयोग कीजिए. इससे शरीर में नमी बनाए रखने में मदद मिलेगी.

त्वचा की खुजली मिटाएं : यदि त्वचा में खुजली है तो पानी के मग में दो चम्मच सिरका मिलाकर उसे त्वचा पर उपयोग करें. इससे खुजली खत्म हो जाएगी. इसके बाद भी त्वचा में खुजली जारी रहती है तथा त्वचा पर लाल चकत्ते तथा दाने उभर आते हैं तो आपको डाक्टर से आवश्यक सलाह-मशविरा कर लेनी चाहिए.
बालों को साफ करने के लिए बालों में फंसे सूखे रंगों तथा माइका को हटाने के लिए बालों को बार-बार सादे ताजा पानी से धोते रहिए. इसके बाद बालों को हल्के हर्बल शैम्पू से धोएं तथा उंगलियों की मदद से शैम्पू को पूरे सिर पर फैला लें और इसे पूरी तरह लगाने के बाद पानी से अच्छी तरह धो डालिए.

बालों की अंतिम धुलाई के लिए बीयर को अन्तिम हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है. बीयर में नींबू का जूस मिलाकर शैम्पू के बाद सिर पर उड़ेल लें. इसे कुछ मिनट बालों पर लगा रहने के बाद साफ पानी से धो डालें.

त्वचा मुलायम बनाएं : होली के अगले दिन दो चम्मच शहद को आधा कप दही में मिलाकर थोड़ी सी हल्दी में मिलाएं तथा इस मिश्रण को चेहरे, बाजू तथा सभी खुले अंगों पर लगा लें. इसे 20 मिनट लगा रहने दें तथा बाद में साफ ताजा पानी से धो डालें. इससे त्वचा से कालापन हट जाएगा तथा त्वचा मुलायम हो जाएगी. होली के अगले दिनों के दौरान अपनी त्वचा तथा बालों को पोषाहार तत्वों की पूर्ति करें. एक चम्मच शुद्ध नारियल तेल में एक चम्मच अरण्डी का तेल मिलाकर इसे गर्म करके अपने बालों पर लगा लीजिए.
एक तौलिए को गर्म पानी में भिगो कर पानी को निचोड़ दीजिए तथा तौलिए को सिर पर लपेट लीजिए तथा इसे पांच मिनट तक पगड़ी की तरह सिर पर बंधा रहने दीजिए. इस प्रक्रिया को चार-पांच बार दोहराइए. इससे खोपड़ी पर तेल को जमने में मदद मिलती है. एक घंटा बाद बालों को साफ ताजे पानी से धो डालिए.